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बिहार मखाना सब्सिडी योजना 2026: किसानों को 3.5 करोड़ तक सहायता, ऐसे करें आवेदन
कृषि, बिहार, सरकारी योजना

बिहार मखाना सब्सिडी योजना 2026: किसानों को 3.5 करोड़ तक सहायता, ऐसे करें आवेदन

बिहार में मखाना खेती को बढ़ावा: उत्पादन से मार्केटिंग तक भारी सब्सिडी, किसानों के लिए बड़ा अवसर राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की नई योजना 2026-27 लागू, प्रसंस्करण इकाइयों पर करोड़ों तक सहायता; रोजगार सृजन पर भी फोकस पटना, 27 अप्रैल — जग वाणी न्यूज़ डेस्क:  बिहार सरकार ने मखाना उत्पादन को संगठित उद्योग का रूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राष्ट्रीय मखाना बोर्ड के तहत “मखाना विकास योजना” शुरू की गई है। इस योजना में खेती से लेकर प्रसंस्करण और विपणन तक किसानों और उद्यमियों को व्यापक सब्सिडी देने का प्रावधान है। सरकार का उद्देश्य मखाना सेक्टर को मजबूत कर किसानों की आय बढ़ाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। योजना का दायरा और उद्देश्य मखाना बिहार की पहचान और अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है। राज्य देश में मखाना उत्पादन में अग्रणी है। नई योजना का लक्ष्य इस पारंप...
बाल संगोपन योजना: ग़रीब बच्चों के लिए बड़ी राहत
महाराष्ट्र, सरकारी योजना

बाल संगोपन योजना: ग़रीब बच्चों के लिए बड़ी राहत

बाल संगोपन योजना: ज़रूरतमंद बच्चों के लिए सहारा बनी सरकारी पहल मुंबई | विशेष संवाददाता: समाज के कमज़ोर और ज़रूरतमंद बच्चों के लिए चलाई जा रही बाल संगोपन योजना आज कई परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभर रही है। इस योजना के तहत अनाथ, निराश्रित और आर्थिक रूप से कमज़ोर बच्चों को उनके पालन-पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। क्या है बाल संगोपन योजना? बाल संगोपन योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को परिवार के वातावरण में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देना है, जो किसी कारणवश अभिभावक के सहारे से वंचित हैं। सरकार का मानना है कि बच्चों का समुचित विकास परिवार के माहौल में ही बेहतर तरीक़े से हो सकता है। किन बच्चों को मिलता है लाभ? इस योजना के अंतर्गत वे बच्चे शामिल किए जाते हैं: जिनके माता-पिता का निधन हो चुका है जिनके परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमज़ोर है एक...
आदिवासी, कारोबार, सरकारी योजना

लघु वन उत्पादों हेतु न्यूनतम समर्थन मूल्य देश भर में लागू

नई दिल्ली: भारत सरकार ने लघु वन उत्पादों (Minor Forest Produce) के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) योजना को अब पूरे देश में लागू करने का निर्णय लिया है। इससे पहले यह योजना सीमित रूप से 9 राज्यों में लागू थी, जिसे अब राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार दिया गया है। भारत सरकार द्वारा जारी इस फैसले की जानकारी पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की प्रेस विज्ञप्ति में दी गई। सरकार के अनुसार, प्रारंभिक चरण में 24 लघु वन उत्पादों को इस योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है, जबकि भविष्य में इस सूची को क्रमबद्ध तरीके से बढ़ाने की योजना है। लघु वन उत्पाद, जैसे कि शहद, लाख, तसर, गोंद, बांस और जंगली फल, आदिवासी एवं वन आधारित समुदायों की आजीविका का प्रमुख स्रोत होते हैं। हालांकि, इन उत्पादों के बाजार मूल्य में होने वाले उतार-चढ़ाव के कारण आदिवासी समुदायों की आय अक्सर प्रभावित होती रही है। सरकार का मानना है कि MSP व्यवस्था...
आदिवासी, कारोबार, सरकारी योजना

सरकार का Amazon से करार, लघु वन उत्पाद अब ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध

भारत सरकार और TRIFED ने Amazon के साथ समझौता किया। अब आदिवासी उत्पाद जैसे शहद, बांस और हस्तशिल्प ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे। नई दिल्ली: भारत सरकार ने लघु वन उत्पादों (Minor Forest Produce) की ऑनलाइन बिक्री को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वैश्विक ई-कॉमर्स कंपनी Amazon के साथ एक महत्वपूर्ण करार किया है। यह समझौता TRIFED (भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास महासंघ) के माध्यम से किया गया है, जो जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन एक राष्ट्रीय स्तर का शीर्ष संगठन है। सरकार के इस कदम का उद्देश्य देश में तेजी से बढ़ रहे ई-कॉमर्स के उपयोग को देखते हुए आदिवासी समुदायों द्वारा उत्पादित वस्तुओं को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है। इस पहल के तहत बांस, केन, पत्ते, गोंद, मोम, प्राकृतिक रंग, नट्स, जंगली फल, शहद, लाख और तसर जैसे गैर-लकड़ी वन उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बेचा जाएगा। समझौते के...