
अमेरिका-ईरान युद्धविराम के 33 दिन बाद भी तनाव कायम। ट्रंप ने कहा- ईरान समझौते में दिलचस्पी रखता है, रूस ने जताई चिंता।
ट्रंप बोले- ईरान अब भी समझौते में दिलचस्पी रखता है, युद्धविराम के बाद भी कायम है तनाव
33 दिन बाद भी अमेरिका-ईरान के बीच अविश्वास बरकरार, रूस ने भी जताई चिंता
तेहरान/वॉशिंगटन, 11 मई (जग वाणी न्यूज़ डेस्क): अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम को 33 दिन बीत चुके हैं, लेकिन दोनों देशों के रिश्तों में अब भी अविश्वास और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। एक ओर अमेरिका शांति वार्ता और संघर्ष खत्म करने के लिए ईरान के जवाब का इंतजार कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ईरान ने साफ संकेत दिए हैं कि वह युद्धविराम पर पूरी तरह भरोसा नहीं कर रहा।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक फ्रांसीसी मीडिया संस्थान को दिए फोन इंटरव्यू में कहा कि तेहरान अब भी किसी समझौते तक पहुंचने में रुचि रखता है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें जल्द ही ईरान की ओर से एक पत्र मिल सकता है, हालांकि उस पत्र में क्या होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
ट्रंप के बयान को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब दोनों देशों के बीच हालिया संघर्ष के बाद क्षेत्रीय तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। अमेरिका का कहना है कि उसने संघर्ष समाप्त करने और आगे की शांति वार्ता शुरू करने के लिए एक नया प्रस्ताव तैयार किया है और अब वह ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है।
इस बीच Vladimir Putin ने भी मध्य पूर्व की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की है। पुतिन ने कहा कि यह संघर्ष बेहद जटिल और कठिन है तथा इसका जारी रहना किसी भी पक्ष के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि रूस की ईरान के साथ अच्छे संबंध हैं, वहीं खाड़ी देशों के साथ भी उसके मैत्रीपूर्ण रिश्ते हैं, इसलिए क्षेत्र में बढ़ता तनाव रूस के लिए भी चिंता का विषय है।
पुतिन ने कहा, “यह बहुत कठिन और जटिल संघर्ष है। इसने हमें भी कठिन स्थिति में डाल दिया है क्योंकि हमारे ईरान के साथ अच्छे संबंध हैं और खाड़ी देशों के साथ भी हमारे वास्तविक दोस्ताना संबंध हैं।”
दूसरी ओर, ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरामिनिया ने कहा कि ईरान युद्धविराम पर भरोसा नहीं करता और इस दौरान उसने अपनी सैन्य क्षमताओं को और मजबूत किया है। उनके बयान से संकेत मिलता है कि तेहरान किसी भी संभावित सैन्य स्थिति के लिए खुद को तैयार रख रहा है।
तेहरान के निवासी रेजाई ने स्थानीय मीडिया से बातचीत में कहा कि मौजूदा गतिविधियों का मकसद केवल नए संकट पैदा करना है। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ ताकतें युद्ध को फिर से शुरू करना चाहती हैं। रेजाई ने कहा, “वे थोड़ा समय लेकर फिर से युद्ध शुरू करना चाहते हैं, लेकिन मैं उम्मीद करता हूं कि ऐसा न हो। मैं ट्रंप से कहता हूं कि वे ऐसी गतिविधियां बंद करें।”
इसी बीच सैन्य स्तर पर भी नई गतिविधियों की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक Israel ने इराक के भीतर एक गुप्त सैन्य अड्डा स्थापित किया है, जिसका इस्तेमाल ईरान के खिलाफ संभावित हवाई हमलों के समर्थन के लिए किया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस खबर ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति में Strait of Hormuz सबसे संवेदनशील केंद्र बन चुका है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में शामिल इस क्षेत्र में कोई भी छोटा फैसला बड़े क्षेत्रीय संकट को जन्म दे सकता है। वहीं यदि कूटनीतिक प्रयास सफल होते हैं, तो यही क्षेत्र शांति और स्थिरता की दिशा में भी रास्ता खोल सकता है।
अमेरिका, ईरान, रूस और इजराइल समेत कई क्षेत्रीय और वैश्विक शक्तियां फिलहाल अपने-अपने रुख पर कायम हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि बातचीत का रास्ता खुलता है या फिर मध्य पूर्व एक नए तनाव की ओर बढ़ता है।
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