
वॉशिंगटन में हड़कंप: डोनाल्ड ट्रंप के कार्यक्रम में फायरिंग, बाल–बाल बचे राष्ट्रपति
वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में शनिवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ऐतिहासिक हिल्टन होटल में आयोजित ‘व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर‘ (WHCA) के दौरान ताबड़तोड़ फायरिंग की आवाज़ें सुनाई दीं। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस समेत प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और दिग्गज पत्रकार मौजूद थे।
कैसे हुई घटना?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब डिनर शुरू होने वाला था और राष्ट्रपति अपनी सीट पर मौजूद थे, तभी होटल के मुख्य बॉलरूम के बाहर सुरक्षा जांच क्षेत्र (Magnetometer area) के पास अचानक 5 से 8 राउंड गोलियां चलने की आवाज़ आई। गोलियों की आवाज़ सुनते ही सीक्रेट सर्विस के एजेंटों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया।
- सुरक्षा घेरा: एजेंटों ने चिल्लाते हुए “Get Down” के निर्देश दिए और राष्ट्रपति ट्रंप, मेलानिया और जेडी वेंस को चारों तरफ से घेरकर सुरक्षित स्थान की ओर निकाला।
- दहशत का माहौल: बॉलरूम में मौजूद सैकड़ों मेहमान और पत्रकार अपनी जान बचाने के लिए टेबल के नीचे छिप गए।
हमलावर हिरासत में, एक अधिकारी घायल
पुलिस और सीक्रेट सर्विस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके से ही हिरासत में ले लिया है। हमलावर की पहचान कैलिफोर्निया के 30 वर्षीय व्यक्ति के रूप में हुई है, जिसके पास से एक शॉटगन, हैंडगन और कई चाकू बरामद किए गए हैं।
इस मुठभेड़ में सुरक्षा बल का एक अधिकारी घायल हुआ है। राष्ट्रपति ट्रंप ने बाद में जानकारी दी कि अधिकारी को गोली लगी थी, लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से उसकी जान बच गई और वह खतरे से बाहर है।
राष्ट्रपति का बयान
घटना के कुछ समय बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा:
“सीक्रेट सर्विस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने शानदार काम किया। वे बहुत बहादुरी से लड़े। हमलावर पकड़ा जा चुका है। हालांकि सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम को रोकना पड़ा, लेकिन हम झुकेंगे नहीं।”
ऐतिहासिक संदर्भ: 1981 का हमला
यह वही Washington Hilton Hotel है, जहां 30 मार्च 1981 को Ronald Reagan पर गोली चलाई गई थी। उस हमले में रीगन गंभीर रूप से घायल हो गए थे, लेकिन बाद में वे ठीक हो गए।
उस घटना ने अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया था। इसके बाद से राष्ट्रपतियों और बड़े नेताओं की सुरक्षा के लिए कड़े प्रोटोकॉल लागू किए गए।
सुरक्षा पर उठे सवाल
यह घटना उसी हिल्टन होटल में हुई है जहाँ 1981 में तत्कालीन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन पर भी जानलेवा हमला हुआ था। इस ताज़ा हमले के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों पर सवाल उठ रहे हैं कि इतना बड़ा सशस्त्र व्यक्ति वीआईपी कार्यक्रम के इतने करीब कैसे पहुँच गया। फिलहाल पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और जांच जारी है।

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