
ममता बनर्जी का कड़ा रुख: “बंगाल का बंटवारा कभी नहीं होगा”, गोरखालैंड आंदोलन पर दी चेतावनी
गोरखालैंड विवाद: “जान दे दूंगी पर बंगाल का बंटवारा नहीं होने दूंगी” – ममता बनर्जी का बड़ा बयान
उत्तरी दिनाजपुर: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन पर अपना कड़ा रुख स्पष्ट कर दिया है। उत्तरी दिनाजपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह बंगाल के विभाजन का कभी समर्थन नहीं करेंगी, चाहे इसके लिए उन्हें अपनी जान ही क्यों न देनी पड़े।
शांति बहाली और एकता की अपील
मुख्यमंत्री ने राज्य की विविधता पर जोर देते हुए कहा कि बंगाल में सभी जाति, धर्म और भाषा के लोगों को मिलकर रहना चाहिए और देश की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने दार्जिलिंग और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों के बिगड़ते हालात पर गहरी चिंता व्यक्त की।
ममता बनर्जी ने पहाड़ी क्षेत्र के सभी राजनीतिक दलों से निम्नलिखित अपील की:
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इलाके में हिंसा और अशांति को तुरंत समाप्त कर शांति बहाल की जाए।
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आम जनजीवन को सामान्य होने दें ताकि लोगों को हो रही परेशानी खत्म हो सके।
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उन्होंने दार्जिलिंग की प्रगति के लिए हर संभव प्रयास करने का वादा किया।
बंद और हिंसा का अर्थव्यवस्था पर बुरा असर
मुख्यमंत्री ने आंदोलन के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट की ओर इशारा करते हुए बताया कि अशांति का सबसे बुरा असर स्थानीय लोगों और मजदूरों पर पड़ा है:
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चाय बागान: आधे से ज्यादा चाय बागान बंद पड़े हैं, जिससे मजदूरों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है।
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शिक्षा और व्यापार: शिक्षण संस्थान बंद हैं और व्यापार पूरी तरह से ठप हो गया है।
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पर्यटन और यातायात: यातायात बाधित होने से पर्यटन उद्योग, जो पहाड़ों की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

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