मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आधार अनिवार्य: 1 अक्टूबर से बदल जाएगा नियम

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अब मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भी आधार अनिवार्य: 1 अक्टूबर से लागू होंगे नए नियम


नई दिल्ली: आधार कार्ड अब केवल जीवित व्यक्तियों की पहचान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह मृत्यु के बाद की प्रक्रियाओं के लिए भी अनिवार्य होता जा रहा है। भारत सरकार द्वारा जारी नवीनतम दिशा-निर्देशों के अनुसार, 1 अक्टूबर से मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) प्राप्त करने के लिए मृतक का आधार नंबर देना अनिवार्य होगा।

गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला

गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत भारत के महापंजीयक (Registrar General of India) ने यह आदेश निर्गत किया है। इस नए नियम के पीछे सरकार के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • धोखाधड़ी पर लगाम: आधार नंबर अनिवार्य होने से पहचान संबंधी धोखाधड़ी और जाली दस्तावेजों के मामलों में कमी आएगी।

  • सटीक पहचान: यह मृतक की पहचान से जुड़ी जानकारियों को आधिकारिक रिकॉर्ड में प्रमाणित करने में मददगार साबित होगा।

  • डाटा की शुद्धता: इससे सरकारी रिकॉर्ड और जनसांख्यिकीय डेटा अधिक सटीक हो सकेगा।

यदि आधार नंबर न हो तो क्या करें?

सरकार ने उन मामलों के लिए भी प्रावधान किया है जहाँ मृतक का आधार नंबर उपलब्ध नहीं है:

  • यदि आवेदक के पास मृतक की आधार संख्या नहीं है, तो उसे एक शपथ पत्र (Affidavit) प्रस्तुत करना होगा।

  • शपथ पत्र में यह स्पष्ट करना होगा कि मृतक की आधार संख्या ज्ञात नहीं है और इसका दुरुपयोग नहीं किया जा रहा है।

यह कदम डिजिटल इंडिया और पारदर्शी शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है, जिससे “जीवन के साथ भी और जीवन के बाद भी” आधार की प्रासंगिकता सिद्ध होती है।


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