आईसीआरए ने लागत दबाव, मांग जोखिमों के बीच विमानन आउटलुक को नकारात्मक में संशोधित किया
नई दिल्ली, 27 मार्च (केएनएन) अनुसंधान और रेटिंग फर्म आईसीआरए ने पश्चिम एशिया में बढ़ते भूराजनीतिक तनाव, मुद्रा मूल्यह्रास और बढ़ती ईंधन लागत का हवाला देते हुए भारतीय विमानन उद्योग पर अपने दृष्टिकोण को स्थिर से नकारात्मक में संशोधित किया है।
मौजूदा प्रतिकूल परिचालन माहौल से एयरलाइन की लाभप्रदता पर दबाव पड़ने और मांग में मध्यम वृद्धि होने की उम्मीद है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि फरवरी 2026 के अंत से अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र की उपलब्धता में व्यवधान के कारण उड़ानों का मार्ग बदलना, ईंधन की अधिक खपत और परिचालन लागत में वृद्धि हुई है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के कमजोर होने और विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में तेज वृद्धि से ये दबाव बढ़ रहा है। मांग वृद्धि धीमी रहने की संभावना है ICRA ने वित्त वर्ष 2026 के लिए घरेलू यात्री यातायात में केवल 0-3 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया ह...









