बेनामी संपत्ति कुर्की को 1988 अधिनियम के तहत चुनौती दी जानी चाहिए, आईबीसी के तहत नहीं: एससी
नई दिल्ली, 25 फरवरी (केएनएन) सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के फैसले को बरकरार रखा, जिसमें कहा गया कि बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध अधिनियम, 1988 के तहत संपत्तियों की कुर्की को केवल उस अधिनियम के तहत अधिकारियों के समक्ष चुनौती दी जा सकती है, दिवाला और दिवालियापन संहिता, 2016 (आईबीसी) के तहत एनसीएलटी के समक्ष नहीं।
न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति अतुल एस चंदुरकर की पीठ ने एनसीएलएटी के फैसले के खिलाफ अपील को खारिज कर दिया, जिसने कॉर्पोरेट दिवाला समाधान कार्यवाही (सीआईआरपी) के लंबित रहने के दौरान एक कंपनी की कुछ संपत्तियों की अस्थायी कुर्की को बरकरार रखा था।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला पद्मादेवी शुगर्स लिमिटेड के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही और बेनामी अधिनियम के तहत इसकी संपत्तियों की समानांतर कुर्की से उपजा है।
1 नवंबर, 2019 को, उपाय...









