
नई दिल्ली, 3 जून (केएनएन) केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में बिजली मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति ने चंडीगढ़ में बिजली की बढ़ती मांग और नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण में वृद्धि के अलावा क्षेत्र से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों के बीच ग्रिड स्थिरता से संबंधित मुद्दों की समीक्षा करने के लिए बैठक की।
बैठक में बिजली राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक, संसद सदस्य, बिजली मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, ग्रिड कंट्रोलर ऑफ इंडिया लिमिटेड और सेंट्रल ट्रांसमिशन यूटिलिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड सहित प्रमुख बिजली क्षेत्र के संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
समिति ने बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण, इन्वर्टर-आधारित उत्पादन संसाधनों के बढ़ते उपयोग और बढ़ती बिजली की मांग से उत्पन्न होने वाली ग्रिड स्थिरता आवश्यकताओं पर चर्चा की।
विचार-विमर्श किए गए प्रमुख मुद्दों में ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा भंडारण, पूर्वानुमान प्रणाली, ग्रिड लचीलापन, बिजली की गुणवत्ता, प्रतिक्रियाशील बिजली समर्थन और लचीलापन उपाय शामिल थे।
सदस्यों ने कहा कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन का समर्थन करने के लिए ग्रिड स्थिरता बनाए रखना महत्वपूर्ण है।
समिति के सदस्यों ने संसाधन पर्याप्तता योजना, सहायक सेवाओं, ऊर्जा भंडारण तैनाती, पीएमयू-आधारित निगरानी, ब्लैक-स्टार्ट ड्रिल और तकनीकी मानकों को मजबूत करने जैसे चल रहे उपायों के साथ-साथ पिछले वर्ष के दौरान ग्रिड में 50 गीगावॉट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के एकीकरण की सराहना की।
समिति ने ग्रिड स्थिरता को बढ़ाने के लिए कई उपायों का भी समर्थन किया, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के साथ ट्रांसमिशन बुनियादी ढांचे को सिंक्रनाइज़ करना, पंप किए गए भंडारण परियोजनाओं को बढ़ावा देना, स्टेटकॉम और सिंक्रोनस कंडेनसर जैसे वोल्टेज-समर्थन उपकरण तैनात करना, नवीकरणीय ऊर्जा पूर्वानुमान में सुधार करना, अनुपालन निगरानी को मजबूत करना और मौसम-प्रवण क्षेत्रों में ग्रिड लचीलापन बढ़ाना शामिल है।
(केएनएन ब्यूरो)

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