नई दिल्ली, 25 अगस्त (केएनएन) केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने टोक्यो में प्रमुख जापानी वित्तीय संस्थानों के साथ दीर्घकालिक निवेश प्रवाह बढ़ाने और भारत में जापानी संस्थागत भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा की।
बैठक में एमयूएफजी, डेवलपमेंट बैंक ऑफ जापान, मिज़ुहो, मॉर्गन स्टेनली, नोमुरा और निप्पॉन लाइफ के प्रतिनिधि शामिल थे, जिसमें भारत के आर्थिक दृष्टिकोण, निवेश के अवसरों और पूंजी प्रवाह को सुविधाजनक बनाने के उपायों पर चर्चा हुई।
गोयल ने सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा सेंटर, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, उन्नत विनिर्माण और डिजिटल बुनियादी ढांचे सहित क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारत की आर्थिक वृद्धि, उपभोक्ता बाजार के विस्तार, बैंकिंग क्षेत्र की ताकत और नीतिगत सुधारों पर भी प्रकाश डाला।
जापानी वित्तीय संस्थानों ने भारत की दीर्घकालिक विकास संभावनाओं पर भरोसा जताया। एमयूएफजी ने श्रीराम फाइनेंस में लगभग 4 बिलियन अमेरिकी डॉलर के अपने निवेश पर प्रकाश डाला, जबकि डीबीजे ने संपत्ति विकास और उद्यम पूंजी सहित क्षेत्रों में अपनी भारत-केंद्रित निवेश रणनीति की रूपरेखा तैयार की।
चर्चा में लाभ प्रत्यावर्तन, भारतीय पूंजी बाजार तक पहुंच और नियामक पूर्वानुमान से संबंधित मुद्दे भी शामिल थे। गोयल ने व्यापार करने में आसानी में सुधार लाने और अधिक निर्बाध निवेश माहौल बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक में भारत और जापान के बीच अंतरराष्ट्रीय पूंजी प्रवाह को सुविधाजनक बनाने के लिए एक मंच के रूप में गिफ्ट सिटी की क्षमता का भी पता लगाया गया।
यह चर्चा तब हुई जब भारत और जापान अगले दशक में भारत में जापानी निजी निवेश में 10 ट्रिलियन येन जुटाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
(केएनएन ब्यूरो)

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