बढ़ते बैकलॉग और सुधार अनिवार्यताओं के बीच बजट 2026-27 न्यायपालिका पर राजकोषीय नियंत्रण का संकेत देता है
नई दिल्ली, 3 फरवरी (केएनएन) केंद्रीय बजट 2026-27 में न्यायपालिका के लिए 4,509.06 करोड़ रुपये का शुद्ध परिव्यय आवंटित किया गया है, जो 2025-26 के लिए 5,189.87 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान से कम है।
आवंटन मोटे तौर पर पिछले वर्ष के संशोधित अनुमानों के अनुरूप है लेकिन मूल बजट अनुमानों से काफी नीचे है। 2026-27 में ई-कोर्ट और कानूनी सुधार जैसे प्रमुख मदों के लिए आवंटन 2025-26 के कम संशोधित अनुमानों को प्रतिबिंबित करता है, जो या तो पहले के फंड के कम उपयोग या वास्तविक खर्च को सीमित करने वाली राजकोषीय बाधाओं का सुझाव देता है।
बजट में घोषित नाममात्र बढ़ोतरी अक्सर जमीनी स्तर पर समतुल्य व्यय में तब्दील नहीं होती है।
ई-कोर्ट परियोजना और बुनियादी ढांचे संबंधी चिंताएँ
ई-कोर्ट चरण III परियोजना, जिसका उद्देश्य न्यायिक प्रणाली का एक प्रमुख प्रौद्योगिकी उन्नयन है, ने गति बनाए रखने के लिए आवंटन में समान ...









