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The Automaker’s 2019 Profits Were Essentially Wiped Out
कारोबार, राजनीति, साइंस न्यूज़

The Automaker’s 2019 Profits Were Essentially Wiped Out

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महाराष्ट्र में ज़हरिली गैस के कारण 20 किसानों की मौत
कृषि, प्रदेश, महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में ज़हरिली गैस के कारण 20 किसानों की मौत

महाराष्ट्र में कीटनाशक दवाओं के छिड़काव के दौरान ज़हरिली गैस के कारण 20 किसानों की मौत हो गयी है और सैकड़ों किसानों का अस्पताल में इलाज चल रहा है! गौर तलब है कि, महाराष्ट्र में फसलों पर कीटनाशकों के छिड़काव के दौरान सुरक्षा उपाय न करने के कारण यह मौतें हुई हैं! राज्य में किसानों की मौत पर बयान देते हुए महाराष्ट्र सरकार के प्रवक्ता किशोर तिवारी ने कहा कि “ राज्य में 20 किसान मारे गए हैं और सैकड़ों किसानों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध करायीजा रही है, जिनमें से 50 की हालत चिंताजनक हे! दरअसल कीटनाशकों के दुष्प्रभाव से राज्य में पहली मौत अगस्त में हुई थी और सितंबर महिने में यह आंकड़ा और बढ़ गया! उन्हों ने कहा कि, प्रभावित लोगों ने सुरक्षा जूते, मास्क और दस्ताने नहीं पहने थे, जिसके कारण उन्हें सिरदर्द और आंखों में दर्द की शिकायत महसूस हुई!किन्तु, किसानों का कहना है कि, हम पहले ही ग़रीबी से जूझ रहे हैं ...
आदिवासी, कारोबार, सरकारी योजना

लघु वन उत्पादों हेतु न्यूनतम समर्थन मूल्य देश भर में लागू

नई दिल्ली: भारत सरकार ने लघु वन उत्पादों (Minor Forest Produce) के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) योजना को अब पूरे देश में लागू करने का निर्णय लिया है। इससे पहले यह योजना सीमित रूप से 9 राज्यों में लागू थी, जिसे अब राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार दिया गया है। भारत सरकार द्वारा जारी इस फैसले की जानकारी पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की प्रेस विज्ञप्ति में दी गई। सरकार के अनुसार, प्रारंभिक चरण में 24 लघु वन उत्पादों को इस योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है, जबकि भविष्य में इस सूची को क्रमबद्ध तरीके से बढ़ाने की योजना है। लघु वन उत्पाद, जैसे कि शहद, लाख, तसर, गोंद, बांस और जंगली फल, आदिवासी एवं वन आधारित समुदायों की आजीविका का प्रमुख स्रोत होते हैं। हालांकि, इन उत्पादों के बाजार मूल्य में होने वाले उतार-चढ़ाव के कारण आदिवासी समुदायों की आय अक्सर प्रभावित होती रही है। सरकार का मानना है कि MSP व्यवस्था...
आदिवासी, कारोबार, सरकारी योजना

सरकार का Amazon से करार, लघु वन उत्पाद अब ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध

भारत सरकार और TRIFED ने Amazon के साथ समझौता किया। अब आदिवासी उत्पाद जैसे शहद, बांस और हस्तशिल्प ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे। नई दिल्ली: भारत सरकार ने लघु वन उत्पादों (Minor Forest Produce) की ऑनलाइन बिक्री को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वैश्विक ई-कॉमर्स कंपनी Amazon के साथ एक महत्वपूर्ण करार किया है। यह समझौता TRIFED (भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास महासंघ) के माध्यम से किया गया है, जो जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन एक राष्ट्रीय स्तर का शीर्ष संगठन है। सरकार के इस कदम का उद्देश्य देश में तेजी से बढ़ रहे ई-कॉमर्स के उपयोग को देखते हुए आदिवासी समुदायों द्वारा उत्पादित वस्तुओं को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है। इस पहल के तहत बांस, केन, पत्ते, गोंद, मोम, प्राकृतिक रंग, नट्स, जंगली फल, शहद, लाख और तसर जैसे गैर-लकड़ी वन उत्पादों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बेचा जाएगा। समझौते के...
बांसवाड़ा रैली में बोले राहुल गांधी: मोदी सरकार ने ‘दिखावे’ के लिए जल्दबाजी में लागू किया GST
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बांसवाड़ा रैली में बोले राहुल गांधी: मोदी सरकार ने ‘दिखावे’ के लिए जल्दबाजी में लागू किया GST

राहुल गांधी का बांसवाड़ा में केंद्र पर हमला: किसानों की समस्याओं पर चर्चा न करने की आलोचना बांसवाड़ा में बोले राहुल गांधी: किसान रैली में केंद्र पर साधा निशाना, जीएसटी को बताया 'जल्दबाज़ी में लागू' बांसवाड़ा | (जग वाणी न्यूज़ डेस्क): अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज राजस्थान के बांसवाड़ा में एक विशाल किसान रैली को संबोधित करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने विशेष रूप से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के कार्यान्वयन पर सवाल उठाए और इसे जल्दबाज़ी में लिया गया फैसला बताया। जीएसटी पर सवाल राहुल गांधी ने कहा कि जीएसटी केवल दुनिया को प्रभावित करने के लिए जल्दबाजी में लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि "प्रधानमंत्री सारी दुनिया और खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति को दिखाने के लिए जीएसटी को बहुत जल्दबाजी में लागू किया गया, किन्तु भारत, अमेरि...
RBI जल्द जारी करेगा ₹20 के नए नोट; जानें क्या होंगे बदलाव और पुराने नोटों का क्या होगा?
अर्थ जगत

RBI जल्द जारी करेगा ₹20 के नए नोट; जानें क्या होंगे बदलाव और पुराने नोटों का क्या होगा?

₹20 के नोट की सांकेतिक तस्वीर आरबीआई जल्द जारी करेगा 20 रुपये के नए नोट; गवर्नर उर्जित पटेल के होंगे हस्ताक्षर मुंबई |  (जग वाणी न्यूज़ डेस्क): भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने घोषणा की है कि वह जल्द ही महात्मा गांधी श्रृंखला-2005 के अंतर्गत बीस रुपये के नए बैंक नोट जारी करेगा। केंद्रीय बैंक द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इन नए नोटों के डिजाइन में कुछ मामूली बदलाव किए गए हैं, जबकि सुरक्षा विशेषताओं को और सुदृढ़ किया गया है। नोट की मुख्य विशेषताएं नए जारी होने वाले इन नोटों की सबसे बड़ी पहचान यह होगी कि इनके दोनों नंबर पैनलों में इनसेट लेटर 'R' (आर) अंकित होगा। इसके अतिरिक्त: इस नोट पर मुद्रण वर्ष '2016' दर्ज होगा। इन नोटों पर आरबीआई के वर्तमान गवर्नर डॉ. उर्जित पटेल के हस्ताक्षर होंगे। नोट के पिछले हिस्से के डिजाइन में कोई बदलाव प्रस्ताव...
मनरेगा 2017 रिपोर्ट: जल संरक्षण और रोजगार में ऐतिहासिक वृद्धि
अर्थ जगत, देश, स्पेशल रिपोर्ट

मनरेगा 2017 रिपोर्ट: जल संरक्षण और रोजगार में ऐतिहासिक वृद्धि

मनरेगा के तहत जल संरक्षण और रोजगार में ऐतिहासिक उछाल नई दिल्ली | (जग वाणी न्यूज़ डेस्क): महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के क्रियान्वयन में वर्ष 2017 की पहली तिमाही के दौरान अभूतपूर्व प्रगति देखी गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से जून 2017 के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में दिहाड़ी मजदूरी की मांग में भारी वृद्धि हुई है, जिसका मुख्य केंद्र जल संरक्षण कार्य रहा है। रोजगार और भुगतान: एक नया कीर्तिमान वर्तमान में लगभग 75 करोड़ व्यक्ति दिवस का काम पहले ही उपलब्ध कराया जा चुका है। अनुमान है कि 15 जुलाई 2017 तक यह संख्या और बढ़ेगी। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि देश के विभिन्न हिस्सों में प्रतिदिन 80 लाख से 1 करोड़ लोग मनरेगा के तहत कार्यरत हैं। प्रशासनिक दक्षता में सुधार का सबसे बड़ा प्रमाण भुगतान प्रक्रिया में दिखता है: समयबद्ध भुगतान: 86% से अ...
प्राकृतिक रेशा: भारतीय वस्त्र उद्योग की शक्ति और भविष्य की चुनौतियां
कृषि व्यवसाय

प्राकृतिक रेशा: भारतीय वस्त्र उद्योग की शक्ति और भविष्य की चुनौतियां

Image Credit: PIB प्राकृतिक रेशा भारतीय वस्त्र उद्योग की आधारशिला: केंद्रीय कृषि मंत्री ​गांधीनगर (गुजरात): केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने प्राकृतिक रेशों के आर्थिक और सामाजिक महत्व पर बल देते हुए इन्हें भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ करार दिया है। गांधीनगर में आयोजित 'टेक्सटाइल इंडिया 2017' को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश के समावेशी विकास में इस क्षेत्र का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। ​उद्योग में 60% से अधिक की हिस्सेदारी ​मंत्री ने रेखांकित किया कि भारतीय वस्त्र उद्योग मुख्य रूप से प्राकृतिक रेशों पर टिका हुआ है, जिसकी कुल उद्योग में 60% से अधिक की भागीदारी है। कृषि के उपरांत, यह क्षेत्र रोजगार सृजन का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है। वर्तमान में भारत के लगभग 30 लाख किसान इस क्षेत्र से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर 7.5 करोड़ परिवार प्र...