कोयला अन्वेषण की समयसीमा तीन महीने कम करने के लिए नई मंजूरी रूपरेखा: कोयला मंत्रालय
नई दिल्ली, 2 दिसंबर (केएनएन) कोयला मंत्रालय ने कोयला और लिग्नाइट ब्लॉकों के लिए अन्वेषण कार्यक्रमों और भूवैज्ञानिक रिपोर्ट (जीआर) के लिए एक सुव्यवस्थित अनुमोदन तंत्र शुरू किया है, जिसका उद्देश्य अन्वेषण गतिविधियों में तेजी लाना और भारत की ऊर्जा तैयारियों को मजबूत करना है।
सुधार बढ़ती राष्ट्रीय ऊर्जा जरूरतों पर प्रतिक्रिया करता है और देश के अन्वेषण पारिस्थितिकी तंत्र की दक्षता, पारदर्शिता और तकनीकी ताकत में सुधार करना चाहता है।
संशोधित ढांचे के तहत, राष्ट्रीय शिक्षा और प्रशिक्षण बोर्ड (एनएबीईटी), भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई), क्यूसीआई-एनएबीईटी द्वारा मान्यता प्राप्त और अन्य मान्यता प्राप्त एपीए द्वारा सहकर्मी-समीक्षित अधिसूचित मान्यता प्राप्त प्रॉस्पेक्टिंग एजेंसियों (एपीए) द्वारा तैयार किए गए अन्वेषण कार्यक्रमों और जीआर को अब जनवरी 2022 में मंत्रालय द्वारा स्थापित समिति से मंजूरी की...








