पश्चिम बंगाल EVM विवाद: ममता बनर्जी का सख्त बयान, मतगणना से पहले बढ़ा तनाव

स्ट्रांगरूम-के-बाहर-सुरक्षा-के-बीच-निरीक्षण-करतीं-ममता-बनर्जी पश्चिम बंगाल EVM विवाद: ममता बनर्जी का सख्त बयान, मतगणना से पहले बढ़ा तनाव

पश्चिम बंगाल: ईवीएम विवाद पर ममता बनर्जी का सख्त रुख, बोलीं—“छेड़छाड़ हुई तो जीने-मरने की लड़ाई”

मतगणना से पहले स्ट्रांगरूम का निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था और प्रक्रिया पर उठाए सवाल; TMC ने वीडियो के आधार पर अनियमितताओं के आरोप लगाए


कोलकाता, 1 मई (जग वाणी न्यूज़ डेस्क): पश्चिम बंगाल में मतगणना से ठीक पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने ईवीएम और मतगणना प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की कोशिश हुई, तो वह “जीने-मरने की लड़ाई” लड़ेंगी। 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले उनके इस बयान ने राज्य की राजनीति में तनाव बढ़ा दिया है।

स्ट्रांगरूम में तीन घंटे का निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने दक्षिण कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित स्ट्रांगरूम का दौरा किया, जहां भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र की ईवीएम और मतपत्र सुरक्षित रखे गए हैं। Mamata Banerjee ने यहां करीब तीन घंटे तक रहकर सुरक्षा व्यवस्था और सीलबंद कक्षों की स्थिति का जायजा लिया।
यह दौरा उस समय हुआ जब सत्तारूढ़ Trinamool Congress (TMC) लगातार एक वायरल वीडियो के आधार पर स्ट्रांगरूम के आसपास संदिग्ध गतिविधियों के आरोप लगा रही है। पार्टी का कहना है कि वीडियो में दिख रही गतिविधियां चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती हैं।

“जान की बाजी लगाकर लड़ूंगी”—ममता

स्ट्रांगरूम से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बात करते हुए Mamata Banerjee ने कहा कि यदि कोई ईवीएम चोरी करने या मतगणना में गड़बड़ी करने की कोशिश करेगा, तो वह उसका कड़ा विरोध करेंगी।
उन्होंने कहा, “अगर छेड़छाड़ हुई, तो मैं जान की बाजी लगाकर इसका मुकाबला करूंगी। यह लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है, और मैं इसे अंत तक लड़ूंगी।”
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने पहले सीसीटीवी फुटेज देखा, जिसके बाद मौके पर जाकर खुद स्थिति की जांच करने का निर्णय लिया।

सुरक्षा बलों से टकराव के आरोप

निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विवाद सामने आया। Mamata Banerjee ने आरोप लगाया कि केंद्रीय सुरक्षा बलों ने शुरुआत में उन्हें स्ट्रांगरूम में प्रवेश करने से रोका।
हालांकि, बाद में उन्होंने उम्मीदवार होने के अधिकार का हवाला दिया, जिसके बाद उन्हें अंदर जाने की अनुमति दी गई। उन्होंने कहा कि चुनाव नियमों के तहत उम्मीदवार और उनके अधिकृत प्रतिनिधि सीलबंद कक्ष तक जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि प्रक्रिया में पक्षपात हो रहा है और उनकी पार्टी के एक प्रतिनिधि को गिरफ्तार किया गया है, जिसे उन्होंने “एकतरफा कार्रवाई” बताया।

वीडियो से बढ़ा विवाद

मतगणना से पहले विवाद तब और गहरा गया जब Trinamool Congress ने एक वीडियो जारी किया। पार्टी का दावा है कि इस वीडियो में मतपेटियों को अधिकृत प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में खोला जा रहा है, जो चुनाव नियमों का उल्लंघन है।
TMC ने इस मामले में Election Commission of India और Bharatiya Janata Party के बीच कथित मिलीभगत का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इन आरोपों पर आधिकारिक पुष्टि या स्वतंत्र जांच की जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।

चुनावी प्रक्रिया और नियमों का संदर्भ

चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, मतदान के बाद ईवीएम और मतपत्रों को सीलबंद स्ट्रांगरूम में रखा जाता है। इन कक्षों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा बलों द्वारा की जाती है। उम्मीदवारों और उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को निर्धारित नियमों के तहत निरीक्षण की अनुमति होती है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी संवेदनशील परिस्थितियों में किसी भी तरह के आरोप या आशंका का असर सीधे चुनावी विश्वास पर पड़ता है।

राजनीतिक माहौल में बढ़ता तनाव

मतगणना से पहले पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। Trinamool Congress जहां चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रही है, वहीं विपक्ष इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता रहा है।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन और Election Commission of India पर निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतगणना सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

आगे क्या?

4 मई को होने वाली मतगणना के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता सबसे अहम मुद्दे होंगे। राज्य और केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका पर भी नजर रहेगी। यदि आरोपों की जांच होती है, तो यह मामला आगे और राजनीतिक और कानूनी मोड़ ले सकता है।
फिलहाल, सभी की निगाहें मतगणना के दिन पर टिकी हैं, जहां चुनावी नतीजों के साथ-साथ इन आरोपों की सच्चाई भी काफी हद तक स्पष्ट हो सकती है।


Discover more from जग वाणी

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *