सिडबी को लगता है कि आरबीआई ब्याज दरों पर रोक लगाएगा, उसे उम्मीद है कि एमएसएमई के लिए ऋण प्रवाह बढ़ेगा
नई दिल्ली, 17 फरवरी (केएनएन) भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) के लेख 'MSMEs के लिए बेहतर उधार: 2026 में निश्चित या फ्लोटिंग दरें?' के अनुसार, रेपो दर पर रोक लगाने का भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का निर्णय आगे की नीतिगत कार्रवाई पर विचार करने से पहले वित्तीय प्रणाली में पहले की दर में कटौती को पूरी तरह से प्रसारित करने की केंद्रीय बैंक की प्राथमिकता का संकेत देता है।
सिडबी लेख उभरते मौद्रिक माहौल और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए इसके निहितार्थ की जांच करता है। चक्र में ढील के बाद रेपो रेट अपरिवर्तित रखा गया आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की फरवरी 2026 की बैठक का जिक्र करते हुए, सिडबी लेख में कहा गया है कि नीति रेपो दर पर रोक फरवरी और दिसंबर 2025 के बीच संचयी 125 आधार अंक दर कटौती चक्र का पालन करती है।
इस महीने की शुरुआत में अपनी द्विमासिक बैठक में एमपीसी ने रेपो दर...









