नई दिल्ली, 1 फरवरी (केएनएन) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट 2026-27 पेश करते हुए कहा कि सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) और इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आईसीएसआई) जैसे पेशेवर संस्थानों को ‘कॉर्पोरेट मित्र’ का कैडर विकसित करने में मदद करेगी, खासकर टियर- II और टियर- III शहरों में।
ये प्रशिक्षित और मान्यता प्राप्त पैरा-पेशेवर एमएसएमई को किफायती लागत पर अनुपालन आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेंगे।
सीतारमण ने कहा, “सरकार आईसीएआई, आईसीएसआई, आईसीएमएआई जैसे व्यावसायिक संस्थानों को ‘कॉर्पोरेट मित्र’ का कैडर विकसित करने के लिए अल्पकालिक, मॉड्यूलर पाठ्यक्रम और व्यावहारिक उपकरण डिजाइन करने की सुविधा प्रदान करेगी, खासकर टियर- II और टियर-III शहरों में।”
आनंद राठी ग्लोबल फाइनेंस में एसएमई और रिटेल के सीईओ सिमरनजीत सिंह ने कहा कि कॉर्पोरेट मित्र पहल एमएसएमई को जटिल अनुपालन प्रक्रिया से निपटने और उनके विकास को बढ़ावा देने में मदद करेगी।
वित्त मंत्री ने छोटे व्यवसायों को समर्थन देने के उद्देश्य से कूरियर निर्यात पर प्रति खेप 10 लाख रुपये की वर्तमान मूल्य सीमा को हटाने की भी घोषणा की।
सीतारमण ने कहा, “इसके अलावा, ऐसी खेपों की पहचान के लिए प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग से अस्वीकृत और लौटाई गई खेपों की हैंडलिंग में सुधार किया जाएगा।”
उन्होंने विकसित भारत के मुख्य चालक के रूप में सेवा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने वाले उपायों की सिफारिश करने के लिए एक उच्च स्तरीय ‘उद्यम में रोजगार के लिए शिक्षा’ स्थायी समिति स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा।
मंत्री ने कहा, “यह हमें 2047 तक 10 प्रतिशत वैश्विक हिस्सेदारी के साथ सेवाओं में वैश्विक नेता बना देगा। समिति विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं को अनुकूलित करने के लिए क्षेत्रों को प्राथमिकता देगी। वे नौकरियों और कौशल आवश्यकताओं पर एआई सहित उभरती प्रौद्योगिकियों के प्रभाव का भी आकलन करेंगे और उसके उपाय प्रस्तावित करेंगे।”
(केएनएन ब्यूरो)

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