
नई दिल्ली, 25 फरवरी (केएनएन) प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने 9,072 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर तीन मल्टीट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है।
2030-31 तक पूरी होने वाली परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के परिचालन नेटवर्क का लगभग 307 किलोमीटर तक विस्तार होने की उम्मीद है।
स्वीकृत परियोजनाओं में गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन का दोहरीकरण, पुनारख और किऊल के बीच तीसरी और चौथी लाइन का विस्तार और गम्हरिया और चांडिल के बीच समान क्षमता वृद्धि शामिल है। ये कार्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड के आठ जिलों में फैले हुए हैं।
सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं से लगभग 98 लाख की संयुक्त आबादी वाले लगभग 5,407 गांवों में रेल कनेक्टिविटी बढ़ने की उम्मीद है।
अतिरिक्त लाइन क्षमता का उद्देश्य गतिशीलता में सुधार करना, भीड़भाड़ को कम करना और प्रमुख मार्गों पर परिचालन दक्षता और सेवा विश्वसनीयता को मजबूत करना है।
प्रस्ताव पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप हैं, जो एकीकृत बुनियादी ढांचे की योजना के माध्यम से मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार करना चाहता है।
संवर्धित रेल नेटवर्क से जबलपुर में कचनार शिव मंदिर और धुआंधार झरना, कान्हा और पेंच राष्ट्रीय उद्यान, चांडिल बांध, दलमा हिल टॉप और दलमा वन्यजीव अभयारण्य सहित कई पर्यटन स्थलों तक पहुंच में सुधार होने का भी अनुमान है।
पहचाने गए मार्ग कोयला, इस्पात, लौह अयस्क, सीमेंट, उर्वरक, चूना पत्थर, खाद्यान्न और पेट्रोलियम उत्पादों जैसी थोक वस्तुओं के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
क्षमता वृद्धि से प्रति वर्ष लगभग 52 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने कहा है कि परियोजनाएं रसद लागत कम करने और पर्यावरणीय लाभ में योगदान देंगी।
(केएनएन ब्यूरो)

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