Darbhanga Greenfield Township: 102 मौजों में ही जमीन रजिस्ट्री पर रोक, प्रशासन ने दी सफाई

Darbhanga-registration Darbhanga Greenfield Township: 102 मौजों में ही जमीन रजिस्ट्री पर रोक, प्रशासन ने दी सफाई

दरभंगा में ‘Mithila Greenfield Satellite Township’ पर स्पष्टता: 102 मौजों में आंशिक रोक, बाकी जगह रजिस्ट्री सामान्य


अफवाहों के बीच प्रशासन ने दी सफाई—पूरे जिले में जमीन खरीद-बिक्री बंद नहीं, सिर्फ चिन्हित क्षेत्रों में अस्थायी रोक लागू


दरभंगा, 30 अप्रैल (जग वाणी न्यूज़ डेस्क): दरभंगा में प्रस्तावित ‘मिथिला ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप’ को लेकर फैली जमीन रजिस्ट्री बंद होने की अफवाहों पर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। प्रशासन के अनुसार पूरे जिले में जमीन खरीद-बिक्री पर कोई पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। केवल बहादुरपुर, केवटी और दरभंगा सदर प्रखंड के 102 चयनित मौजों में ही अस्थायी रोक लागू की गई है, ताकि टाउनशिप परियोजना के लिए भूमि प्रबंधन व्यवस्थित तरीके से किया जा सके।

क्या है मामला और क्यों फैली अफवाह

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज थी कि दरभंगा में जमीन की रजिस्ट्री पूरी तरह रोक दी गई है। इससे आम लोगों, खासकर जमीन खरीदने और बेचने वाले लोगों में भ्रम और चिंता की स्थिति बन गई थी। कई जगहों पर रजिस्ट्री कार्यालयों में भी लोगों ने स्थिति को लेकर सवाल उठाए। इसी बीच प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए साफ किया कि यह जानकारी भ्रामक है और वास्तविकता इससे अलग है।

प्रशासन की आधिकारिक सफाई

जिलाधिकारी कौशल कुमार और अवर निबंधक (रजिस्ट्रार) स्वीटी सुमन ने संयुक्त रूप से मीडिया को बताया कि सरकार की प्रस्तावित टाउनशिप योजना के तहत केवल चिन्हित क्षेत्रों में ही जमीन की खरीद-बिक्री पर अस्थायी रोक लगाई गई है।
प्रशासन के अनुसार,

  • यह रोक सीमित और योजनाबद्ध है
  • अन्य सभी मौजों और क्षेत्रों में रजिस्ट्री प्रक्रिया पहले की तरह जारी है।
  • आम लोगों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कदम भविष्य में भूमि अधिग्रहण और विकास कार्यों को सुचारू बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

किन क्षेत्रों में लागू है रोक

  1. जिला प्रशासन के अनुसार,
  2. बहादुरपुर प्रखंड
  3. केवटी प्रखंड
  4. दरभंगा सदर प्रखंड (ग्रामीण क्षेत्र)

इन तीनों प्रखंडों के कुल 102 मौजों को टाउनशिप परियोजना के लिए चिन्हित किया गया है। फिलहाल इन्हीं क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई गई है।

कितने क्षेत्र में विकसित होगी टाउनशिप

‘मिथिला ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप’ परियोजना को बड़े स्तर पर विकसित करने की योजना है।

  • कुल प्रस्तावित क्षेत्र: लगभग 12,000 से 17,000 एकड़
  • पहले चरण में: करीब 1600 एकड़ कोर एरिया विकसित होगा

यह कोर एरिया प्रस्तावित आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे के आसपास होगा, जिससे बेहतर कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

परियोजना का महत्व

इस टाउनशिप को दरभंगा और पूरे मिथिला क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संभावित लाभ

  • शहरी ढांचे का विस्तार
  • रोजगारके नए अवसर
  • बेहतर सड़क और परिवहन नेटवर्क
  • निवेश और व्यापार में वृद्धि

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में दरभंगा को एक नए शहरी केंद्र के रूप में स्थापित कर सकती है।

पृष्ठभूमि: कैसे शुरू हुई योजना

इस परियोजना की चर्चा पहली बार 13 नवंबर 2024 को उस समय सामने आई थी, जब नरेंद्र मोदी दरभंगा दौरे पर पहुंचे थे। उस दौरान उन्होंने एम्स के भूमि पूजन कार्यक्रम में क्षेत्र के विकास के लिए ग्रीनफील्ड टाउनशिप की बात कही थी।
इसके बाद

  • जदयू के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय झा ने प्रशासन से संभावित जमीन चिन्हित करने को कहा।
  • अधिकारियों ने एम्स निर्माण स्थल के आसपास और अन्य क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
  • दरभंगा एयरपोर्ट और आमस रोड के आसपास की जमीनों को भी शामिल किया गया।

अंततः राज्य सरकार ने प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसके बाद यह योजना औपचारिक रूप से आगे बढ़ी।

अफवाहों पर प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य गैर-आधिकारिक स्रोतों से फैल रही भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें।
अधिकारियों ने कहा कि:

  • किसी भी सूचना के लिए आधिकारिक घोषणाओं पर भरोसा करें
  • जमीन से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें
  • अफवाहों से बचें और दूसरों को भी जागरूक करें

आगे क्या?

टाउनशिप परियोजना के तहत अगले चरणों में विस्तृत योजना, भूमि अधिग्रहण और आधारभूत ढांचे के विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। प्रशासन का फोकस फिलहाल चिन्हित क्षेत्रों में व्यवस्थित भूमि प्रबंधन और प्रारंभिक विकास कार्यों पर है।
यदि परियोजना तय समय के अनुसार आगे बढ़ती है, तो दरभंगा में शहरी विकास की नई दिशा देखने को मिल सकती है।


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