
नई दिल्ली, 28 मार्च (केएनएन) प्रधान मंत्री मोदी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्रियों के साथ एक आभासी बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच वैश्विक स्थिति गतिशील बनी हुई है, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आर्थिक और व्यापार स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं।
पीएम ने निरंतर निगरानी और अनुकूली नीति प्रतिक्रियाओं की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच घनिष्ठ समन्वय का आह्वान किया, त्वरित और संरेखित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए समय पर सूचना साझा करने और संयुक्त निर्णय लेने पर जोर दिया।
आपूर्ति शृंखला और बाज़ार स्थिरता पर ध्यान दें
प्रधान मंत्री ने राज्यों से आपूर्ति श्रृंखलाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने और जमाखोरी और मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने गलत सूचना और अफवाहों के प्रसार के प्रति भी आगाह किया और कहा कि सार्वजनिक दहशत को रोकने के लिए विश्वसनीय जानकारी का समय पर प्रसार आवश्यक है।
उन्होंने जनता का विश्वास बनाए रखने के महत्व को रेखांकित किया और कहा कि आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता के संबंध में आश्वासन अनावश्यक व्यवधानों से बचने में मदद करेगा।
सरकारी निगरानी तंत्र स्थापित
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, एक अंतर-मंत्रालयी समूह 3 मार्च से काम कर रहा है, जो दैनिक आधार पर उभरती स्थिति की समीक्षा कर रहा है और समय पर निर्णय ले रहा है।
प्रधान मंत्री ने सीमावर्ती और तटीय राज्यों में विशेष रूप से शिपिंग, आवश्यक आपूर्ति और समुद्री संचालन से संबंधित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने का भी आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी और स्थिति का फायदा उठाने वाले फर्जी एजेंटों के खिलाफ सतर्क रहने की सलाह दी।
आर्थिक एवं नागरिक हितों को प्राथमिकता
सरकार के फोकस को दोहराते हुए, मोदी ने कहा कि आर्थिक स्थिरता बनाए रखना, नागरिकों के हितों की रक्षा करना, उद्योग को मजबूत करना और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना भारत की प्रतिक्रिया के लिए केंद्रीय बना हुआ है क्योंकि वैश्विक स्थिति लगातार विकसित हो रही है।
(केएनएन ब्यूरो)

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