नई दिल्ली, 15 जनवरी (केएनएन) ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ‘उद्यमिता पर राष्ट्रीय अभियान’ शुरू किया है।
इस पहल का लक्ष्य उद्यम संवर्धन में 50,000 सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों की क्षमता का निर्माण करना और डीएवाई-एनआरएलएम के तहत 50 लाख एसएचजी सदस्यों को उद्यमिता विकास कार्यक्रम प्रशिक्षण प्रदान करना है।
ग्रामीण उद्यमिता और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा
उद्यमिता पर राष्ट्रीय अभियान ग्रामीण उद्यम विकास को मजबूत करने, स्थानीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और पूरे भारत में महिला एसएचजी सदस्यों की उद्यमशीलता क्षमता का दोहन करने के लिए एक रणनीतिक मंच प्रदान करता है।
इस पहल का उद्देश्य सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों का एक मजबूत नेटवर्क विकसित करना और लाखों ग्रामीण उद्यमियों को प्रोत्साहित करना, एक लचीली, समावेशी और आत्मनिर्भर गैर-कृषि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है।
यह औपचारिक वित्तीय संस्थानों के साथ संबंधों को भी मजबूत करेगा, जमीनी स्तर के उद्यमों की ऋण और अन्य वित्तीय सेवाओं तक पहुंच में सुधार करेगा।
DAY-NRLM के बारे में
DAY-NRLM का लक्ष्य विविध और टिकाऊ आजीविका को बढ़ावा देकर ग्रामीण महिलाओं की आय में बदलाव लाना है। गैर-कृषि ग्रामीण उद्यमों को बढ़ावा देना एक केंद्रीय रणनीति है, जो ग्रामीण समुदायों में आय वृद्धि और आर्थिक लचीलेपन के एक महत्वपूर्ण चालक के रूप में कार्य करती है।
पिछले कुछ वर्षों में, स्टार्ट-अप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम सहित कई गैर-कृषि आजीविका पहलों ने प्रशिक्षित सामुदायिक कैडरों द्वारा समर्थित सफल उद्यम मॉडल का प्रदर्शन किया है।
ये कैडर जमीनी स्तर के उत्प्रेरक के रूप में कार्य करते हैं, जो महत्वाकांक्षी ग्रामीण उद्यमियों को उद्यम पहचान, स्टार्ट-अप सहायता, सलाह और निरंतर सहायता प्रदान करते हैं।
मंत्रालय ने कम से कम तीन करोड़ लखपति दीदियों, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिला सदस्यों को सालाना 1 लाख रुपये या उससे अधिक कमाने में सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध किया है।
इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बड़े पैमाने पर प्रशिक्षित सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों की आवश्यकता है जो पूरे ग्रामीण भारत में बड़े पैमाने पर उद्यम प्रोत्साहन का समर्थन कर सकें।
(केएनएन ब्यूरो)

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