
नई दिल्ली, 2 जुलाई (केएनएन) मध्य प्रदेश सरकार औद्योगिक गतिविधि का विस्तार करने और स्थानीय रोजगार पैदा करने के उद्देश्य से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए एक बड़ा भूमि बैंक बनाने के लिए राज्य भर में 81 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना बना रही है।
राज्य सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों की योजना बना रहा है
एमएसएमई विभाग ने प्रस्तावित औद्योगिक संपदा के लिए विभिन्न जिलों में सरकारी भूमि के हस्तांतरण को सुरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 81 नियोजित औद्योगिक क्षेत्रों में से पांच को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है और विकास कार्य चल रहा है।
एमएसएमई आयुक्त दिलीप कुमार ने कहा कि सरकार की योजना प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने की है, जहां वर्तमान में एक का अभाव है, जिससे जिलों में छोटे व्यवसायों के विकास का समर्थन करने के लिए स्थानीय बाजारों और संसाधनों के करीब औद्योगिक भूमि उपलब्ध हो सकेगी।
पहल का उद्देश्य भूमि संबंधी बाधाओं को दूर करना है
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य एमएसएमई के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों में से एक, बुनियादी ढांचे के साथ किफायती औद्योगिक भूमि की उपलब्धता को संबोधित करना है।
प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, बिजली, जल आपूर्ति और जल निकासी जैसी आवश्यक सुविधाओं के साथ-साथ छोटे भूखंड भी उपलब्ध होंगे।
विभाग उपयुक्त सरकारी भूमि पार्सल की पहचान करने के लिए जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर रहा है। भूमि हस्तांतरित होने के बाद आकार, स्थान और स्थानीय उद्यमियों की मांग के आधार पर विकास कार्य किया जाएगा।
एमएसएमई क्षेत्रों की विस्तृत श्रृंखला से लाभ की उम्मीद
उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि इस पहल से खाद्य प्रसंस्करण, इंजीनियरिंग, निर्माण, पैकेजिंग, फर्नीचर, कृषि आधारित उद्योग, कपड़ा, वस्त्र और अन्य छोटी विनिर्माण गतिविधियों सहित क्षेत्रों को लाभ होने की उम्मीद है।
कुमार के अनुसार, नए औद्योगिक क्षेत्रों से जिला-स्तरीय औद्योगीकरण को बढ़ावा मिलने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
विभाग अविकसित भूमि पार्सल का भी मूल्यांकन कर रहा है जिन्हें चरणों में आवंटित किया जा सकता है, जबकि मजबूत मांग वाले क्षेत्रों में पूरी तरह से विकसित औद्योगिक एस्टेट को प्राथमिकता दी जाएगी।
(केएनएन ब्यूरो)

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