नई दिल्ली, 24 अगस्त (केएनएन) सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने ‘एमएसएमई – विकास भी, विरासत भी’ थीम के तहत आयोजित होने वाले भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले (आईआईटीएफ) 2026 में सूक्ष्म और लघु उद्यमों (एमएसई) के लिए भागीदारी ढांचे की घोषणा की है।
व्यापार मेला अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के साथ भारतीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शकों को एक साथ लाएगा, जो हस्तशिल्प, कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, मशीनरी और प्रसंस्कृत खाद्य सहित क्षेत्रों के उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे।
एमएसएमई को वैश्विक खरीदारों तक पहुंच मिलेगी
आईआईटीएफ एमएसएमई को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, घर खरीदने और व्यापार निकायों तक पहुंचने के अवसर प्रदान करता है, जबकि समर्पित व्यावसायिक दिन थोक ऑर्डर, आपूर्ति-श्रृंखला साझेदारी और वितरण व्यवस्था के लिए बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) नेटवर्किंग की सुविधा प्रदान करते हैं।
एमएसएमई मंत्रालय और राज्य निर्यात प्रोत्साहन निकाय स्टाल किराये के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेंगे, जबकि समर्पित एमएसएमई और खादी और ग्रामोद्योग मंडपों का उद्देश्य भाग लेने वाले उद्यमों को अधिक दृश्यता प्रदान करना है।
बाज़ार प्रतिक्रिया और ब्रांड दृश्यता के लिए मंच
यह मेला एमएसएमई को प्रत्यक्ष उपभोक्ता प्रतिक्रिया प्राप्त करने, बाजार की मांग और मूल्य निर्धारण के रुझान का आकलन करने और भारत मंडपम में घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय व्यवसायों के साथ प्रदर्शन करके ब्रांड दृश्यता को मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करेगा।
मेले के साथ-साथ आयोजित तकनीकी सत्रों, सेमिनारों और कार्यशालाओं से एमएसएमई को अंतरराष्ट्रीय पैकेजिंग और प्रदर्शनी प्रथाओं, उभरती प्रौद्योगिकियों, डिजिटल परिवर्तन, क्रेडिट पहुंच और निर्यात दस्तावेज़ीकरण के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।
भागीदारी के लिए उद्यम पंजीकरण अनिवार्य
पात्रता मानदंड के तहत, 31 अगस्त, 2026 तक वैध उद्यम पंजीकरण वाले केवल सूक्ष्म और लघु उद्यम (एमएसई) ही खरीद और विपणन सहायता योजना के तहत आवेदन करने के पात्र होंगे।
मंत्रालय ने कहा कि 31 अगस्त के बाद उद्यम पंजीकरण विवरण में किसी भी संशोधन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
आवेदन पोर्टल 1 सितंबर से 20 सितंबर 2026 तक खुला रहेगा।
(केएनएन ब्यूरो)

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