
केंद्र सरकार ने NEET UG परीक्षा को अगले साल से ऑनलाइन CBT मोड में कराने का फैसला लिया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों को परीक्षा शहर बदलने और परिवहन सुविधा देने की बात कही।
अगले साल से ऑनलाइन होगी NEET UG परीक्षा, CBT पैटर्न लागू; छात्रों को मिलेगी शहर बदलने की सुविधा
नई दिल्ली, 15 मई (जग वाणी न्यूज़ डेस्क): नीट यूजी परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने संकेत दिए हैं कि अगले साल से NEET UG परीक्षा ऑनलाइन मोड यानी CBT (Computer Based Test) पैटर्न पर आयोजित की जाएगी। यह बदलाव पिछले वर्ष सामने आए पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया पर उठे सवालों के बाद किया जा रहा है।
सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है ताकि किसी भी छात्र का भविष्य प्रभावित न हो। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि कोई “परीक्षा माफिया” मेहनती और योग्य छात्रों की सीट छीन ले।
इस बीच 21 जून को प्रस्तावित NEET UG परीक्षा को लेकर भी कई राहतें घोषित की गई हैं। सरकार ने माना है कि री-एग्जाम और अनिश्चितता के कारण लाखों छात्र मानसिक दबाव में हैं। ऐसे में उम्मीदवारों को सुविधा देने के लिए परीक्षा शहर बदलने की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही राज्यों के साथ मिलकर बस और ट्रेन जैसी परिवहन सुविधाओं पर भी चर्चा की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार इस बार परीक्षा केंद्रों की निगरानी भी पहले से अधिक सख्त होगी। बायोमेट्रिक सत्यापन, डिजिटल मॉनिटरिंग और मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा सकती है। सरकार चाहती है कि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना न्यूनतम रहे।
शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि CBT पैटर्न लागू होने से पेपर लीक जैसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लग सकेगी। ऑनलाइन परीक्षा में प्रश्नपत्र एन्क्रिप्टेड सिस्टम के जरिए सीधे परीक्षा केंद्रों तक पहुंचते हैं, जिससे लीक का खतरा कम माना जाता है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन परीक्षा लागू करना आसान नहीं होगा। देश के ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में इंटरनेट, कंप्यूटर लैब और तकनीकी ढांचे की चुनौती बनी हुई है। ऐसे में सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर छात्र को समान अवसर मिले।
पिछले वर्ष NEET UG परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों ने देशभर में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। कई राज्यों में जांच एजेंसियों ने कार्रवाई की थी और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठे थे। सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंचा और लाखों छात्रों व अभिभावकों ने परीक्षा दोबारा कराने की मांग उठाई थी।
इसी पृष्ठभूमि में केंद्र सरकार अब परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव की तैयारी कर रही है। मंत्रालय का मानना है कि केवल परीक्षा कराना पर्याप्त नहीं है, बल्कि छात्रों का विश्वास लौटाना भी जरूरी है।
छात्र संगठनों ने सरकार के फैसले पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। कुछ संगठनों ने CBT पैटर्न का स्वागत किया है और इसे आधुनिक व सुरक्षित कदम बताया है। वहीं कुछ छात्रों का कहना है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को ऑनलाइन परीक्षा के लिए अतिरिक्त तैयारी और तकनीकी प्रशिक्षण की जरूरत होगी।
आने वाले महीनों में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी National Testing Agency द्वारा नए परीक्षा प्रारूप, मॉक टेस्ट, तकनीकी दिशानिर्देश और परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था को लेकर विस्तृत जानकारी जारी की जा सकती है।
सरकार फिलहाल यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं होगा।
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