
नई दिल्ली, 3 मार्च (केएनएन) नीति आयोग और जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) ने विकास सहयोग को गहरा करने के लिए ‘सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में जापान-भारत सहकारी कार्यों के लिए कार्यक्रम को बढ़ावा देने की परियोजना’ के दूसरे चरण के लिए चर्चा के रिकॉर्ड (आरओडी) पर हस्ताक्षर किए हैं।
नीति आयोग में आकांक्षी जिलों और ब्लॉक कार्यक्रम के अतिरिक्त सचिव और मिशन निदेशक रोहित कुमार और जेआईसीए इंडिया के मुख्य प्रतिनिधि ताकेउची ताकुरो की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों पर ध्यान दें
इस परियोजना का उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की दिशा में प्रगति में तेजी लाने पर ध्यान देने के साथ आकांक्षी जिला कार्यक्रम (एडीपी) और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (एबीपी) का समर्थन करना है।
इसका उद्देश्य नीतिगत ढांचे को मजबूत करना और वंचित क्षेत्रों में कार्यान्वयन प्रणालियों में सुधार करना है।
यह पहल छह प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को कवर करेगी: वैश्विक भागीदारी, स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेशन और कौशल विकास, और बुनियादी ढांचा। यह संस्थागत क्षमता निर्माण, बेहतर निगरानी और मूल्यांकन और एसडीजी के स्थानीय स्तर के कार्यान्वयन पर भी जोर देगा।
ज्ञान साझा करना और क्षमता निर्माण
परियोजना के तहत प्रमुख गतिविधियों में क्षमता निर्माण आदान-प्रदान, जापान-भारत ज्ञान मंच, सर्वोत्तम प्रथाओं की पहचान और साझा करना और चयनित जिलों और ब्लॉकों को लक्षित समर्थन शामिल है।
अधिकारियों ने कहा कि यह सहयोग समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए संस्थागत ताकत, साझा विशेषज्ञता और क्षेत्रीय अनुभव को एक साथ लाता है। जेआईसीए प्रतिनिधियों ने कहा कि भारत की जिला और ब्लॉक-स्तरीय निगरानी प्रणालियों ने अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया है।
(केएनएन ब्यूरो)

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