
नई दिल्ली, 7 फरवरी (केएनएन) भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने शुक्रवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एनहांसमेंट (पीएम ई-ड्राइव) योजना ने लक्षित मांग प्रोत्साहन के माध्यम से अग्रिम लागत को कम करके पूरे भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को अपनाने में तेजी लाई है।
इस योजना में कई ईवी खंड शामिल हैं, जिनमें इलेक्ट्रिक दोपहिया, ई-रिक्शा और ई-कार्ट जैसे तिपहिया वाहन, एल5 श्रेणी के वाहन, ई-एम्बुलेंस और ई-ट्रक शामिल हैं।
योजना के तहत, खरीदारों को सीधे प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है और बाद में सरकार द्वारा मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) को प्रतिपूर्ति की जाती है।
कवरेज और वित्तीय सहायता
मंत्री ने कहा कि यह योजना देश भर में 28 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों की तैनाती का समर्थन करती है। यह राज्य परिवहन उपक्रमों (एसटीयू) द्वारा संचालित 14,028 इलेक्ट्रिक बसों के लिए अनुदान भी प्रदान करता है।
वाहन प्रोत्साहन के अलावा, यह योजना चार्जिंग बुनियादी ढांचे के विस्तार और परीक्षण सुविधाओं के उन्नयन का समर्थन करती है। देश भर में इलेक्ट्रिक वाहन सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
विनिर्माताओं को प्रतिपूर्ति
31 दिसंबर, 2025 तक, सरकार ने इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों के OEM को 1,703 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति की है। यह राशि पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत खरीदारों को पहले से ही दिए गए मांग प्रोत्साहन की प्रतिपूर्ति का प्रतिनिधित्व करती है।
मंत्री ने कहा कि इन उपायों ने ईवी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने, उपभोक्ता विश्वास में सुधार करने और स्वच्छ और टिकाऊ गतिशीलता समाधानों को व्यापक रूप से अपनाने में मदद की है।
(केएनएन ब्यूरो)

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