निजी बीमाकर्ताओं की शिकायत निवारण रैंकिंग जल्द आ रही है: वित्त मंत्रालय


नई दिल्ली, 13 दिसंबर (केएनएन) राज्य के स्वामित्व वाले बैंकों और बीमा कंपनियों और निजी बैंकों के लिए समान अभ्यास के बाद शिकायतों के समय पर निपटान में उनके प्रदर्शन के आधार पर निजी क्षेत्र के बीमाकर्ताओं की रैंकिंग पाइपलाइन में है।

वित्त मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि शिकायतों की गुणवत्ता और समय पर निवारण के आधार पर जून 2025 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, निजी क्षेत्र के बैंकों और सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों की रैंकिंग में उनके प्रदर्शन में काफी सुधार हुआ है।

वित्त मंत्रालय ने कहा, “निजी क्षेत्र के बीमाकर्ताओं की रैंकिंग भी पाइपलाइन में है।”

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, वित्त मंत्रालय के तहत वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) बैंकिंग, वित्तीय सेवा और बीमा (बीएफएसआई) क्षेत्र में शिकायत निवारण तंत्र की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण पहल कर रहा है।

डीएफएस ने इस महीने से ‘वित्तीय संस्थान सहभागिता कार्यक्रम’ भी शुरू किया है, जिसमें केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएम) पोर्टल में प्राप्त शिकायतों के आधार पर चयनित संगठनों के साथ बैठकें आयोजित की जाती हैं।

पहले कदम के रूप में, इस अभ्यास के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) का चयन किया गया है।

वर्ष 2025 के लिए सभी सरकारी बैंकों के साथ प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र पर सीपीजीआरएएम कार्यशालाओं का पहला दौर पूरा हो चुका है।

डीएफएस ने कहा कि कार्यशालाओं ने संगठनों को शिकायतों के मूल कारण से प्रभावी ढंग से निपटने में मदद की, जिससे विभिन्न मुद्दों का गुणात्मक समाधान सुनिश्चित हुआ।

बीमा नियामक भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) और बीमा कंपनियों के शिकायत निवारण अधिकारियों के साथ एक कार्यशाला 19 दिसंबर, 2025 को आयोजित होने वाली है।

डीएफएस ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शाखा कर्मचारी ग्राहकों और आगंतुकों को उच्चतम स्तर की सेवा प्रदान करते हैं, सभी बैंकों को प्रौद्योगिकी (वॉयस चैट, ईमेल, क्यूआर कोड आदि) की मदद से ग्राहक सेवाओं पर प्रतिक्रिया एकत्र करने के लिए एक तंत्र तैयार करने की सलाह दी गई है।

(केएनएन ब्यूरो)



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