
नई दिल्ली, 27 फरवरी (केएनएन) नीति आयोग द्वारा गठित राष्ट्रीय महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज समिति ने गुरुवार को महत्वपूर्ण खनिजों में भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए सार्वजनिक और निजी खनन फर्मों द्वारा समन्वित कार्रवाई का आह्वान किया।
पीटीआई ने एक प्रेस विज्ञप्ति का हवाला देते हुए बताया कि पैनल ने देश की अप्रयुक्त खनिज क्षमता को अनलॉक करने के लिए तेजी से अन्वेषण, उन्नत अनुसंधान और विकास और रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया।
आपूर्ति अंतराल और नीति समर्थन पर ध्यान दें
पीटीआई ने बताया कि चर्चा में मांग-आपूर्ति परिदृश्य, राज्यों में अन्वेषण के अवसर, तकनीकी आवश्यकताएं, नीति समर्थन और सरकारी एजेंसियों और खनन कंपनियों की भूमिका पर चर्चा हुई।
सदस्यों ने नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और उन्नत विनिर्माण के लिए लिथियम, दुर्लभ पृथ्वी तत्व, कोबाल्ट और निकल जैसे खनिजों के महत्व पर प्रकाश डाला।
हालाँकि भारत के पास इनमें से कुछ खनिजों का भंडार है, लेकिन सीमित अन्वेषण और खनन के कारण आयात पर निर्भरता जारी है।
विज्ञप्ति में कहा गया है, “आने वाले वर्षों में मांग तेजी से बढ़ने की उम्मीद के साथ, समिति ने सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की खनन कंपनियों को शामिल करते हुए एक समन्वित राष्ट्रीय प्रयास का आह्वान किया।”
उद्योग पहल और अगले कदम
सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक बुद्धप्रकाश ज्योति ने खुली कोयला खदानों में ओवरबर्डन और मिट्टी से दुर्लभ पृथ्वी तत्वों को निकालने के प्रयासों की रूपरेखा तैयार की।
उन्होंने कहा कि सिंगरेनी थर्मल पावर प्लांट में फ्लाई ऐश और निचली राख से भी मूल्यवान खनिज बरामद किए जा रहे हैं।
नीति आयोग के उप सलाहकार (खनिज) और समिति के सदस्य सचिव आर सरवनभवन ने कहा कि पैनल की रिपोर्ट को अंतिम रूप देने और प्रस्तुत करने के लिए एक समयबद्ध योजना का पालन किया जाएगा।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि अगली बैठक अगले महीने एनएलसी इंडिया लिमिटेड में होगी।
(केएनएन ब्यूरो)

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