
ऑपरेशन सिंदूर के कुछ घंटों बाद सऊदी अरब के विदेश मामलों के राज्य मंत्री अदेल अल-जुबैर भारत पहुंचे और एस. जयशंकर से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृष्टिकोण पर चर्चा की।
नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद भारत की कूटनीतिक गतिविधियों में तेजी आई है। इसी कड़ी में सऊदी अरब के विदेश मामलों के राज्य मंत्री अदेल अल-जुबैर बुधवार रात (7 मई 2025) भारत पहुंचे। उन्होंने गुरुवार सुबह विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। इस बैठक में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपने सख्त रुख को साझा किया।
एस. जयशंकर ने कहा, “सऊदी मंत्री अदेल अल-जुबैर के साथ आज सुबह अच्छी बैठक हुई। आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृष्टिकोण को साझा किया।”
सूत्रों के अनुसार, यह दौरा पूर्व घोषित नहीं था और भारत-पाक तनाव के मद्देनज़र हुआ। दिलचस्प बात यह रही कि सऊदी मंत्री की भारत यात्रा के समय ही ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अऱाक़ची भी दिल्ली पहुंचे। वह आज दोपहर 12:30 बजे एस. जयशंकर से मुलाक़ात करेंगे।
ग़ौरतलब है कि ईरानी विदेश मंत्री इससे पहले पाकिस्तान भी जा चुके हैं और उन्होंने भारत-पाक के बीच संवाद की वकालत की है। यह सारी कूटनीतिक हलचलें 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू हुई हैं जिसमें 26 लोगों की जान गई और दर्जनों घायल हुए।
भारत ने इस हमले के पीछे पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों का हाथ बताया और “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद विदेश मंत्रालय ने सऊदी सहित कई देशों के राजदूतों को जानकारी दी।
इस बीच, पाकिस्तान की ओर से गुरुवार सुबह संघर्ष विराम उल्लंघन में पूंछ में 13 भारतीय नागरिकों की मौत और 59 के घायल होने की पुष्टि हुई है। हालांकि अमृतसर और लाहौर में धमाकों की खबरों को भारत ने “ड्रिल” करार दिया है।
भारत की कूटनीतिक गतिविधियाँ इस समय पूरी तरह सक्रिय हैं और सऊदी तथा ईरान जैसे महत्वपूर्ण देशों की संलिप्तता इस क्षेत्रीय तनाव को शांत करने की दिशा में एक संकेत मानी जा रही है।

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