
अलवर एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा: चलती कार बनी आग का गोला, 5 की जिंदा जलकर मौत
वैष्णो देवी से लौट रहा परिवार हादसे का शिकार; गैस रिसाव की आशंका, ड्राइवर कूदकर बचा
अलवर, 30 अप्रैल (जग वाणी न्यूज़ डेस्क): राजस्थान के अलवर जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक भीषण हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। चलती कार अचानक आग का गोला बन गई और कुछ ही मिनटों में पूरी तरह जलकर खाक हो गई। मृतकों में तीन महिलाएं, एक पुरुष और एक बच्चा शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, सभी मृतक मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के निवासी थे और वैष्णो देवी के दर्शन कर लौट रहे थे। परिवार ने यात्रा के लिए एक टैक्सी बुक की थी और देर रात वापस लौटते समय यह हादसा हुआ।
घटना अलवर के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के मौजपुर के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार अचानक धू-धू कर जलने लगी। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर बैठे लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
हादसे की वजह क्या रही?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार सीएनजी और पेट्रोल दोनों से चलने वाली थी। पुलिस को आशंका है कि गैस रिसाव के कारण आग लगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में थोड़ी सी चिंगारी भी बड़े विस्फोट का कारण बन सकती है।
ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान
हादसे के समय कार चला रहा ड्राइवर चलती गाड़ी से कूद गया, जिससे उसकी जान बच गई। हालांकि वह गंभीर रूप से झुलस गया है और उसे जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
राहत-बचाव में आई मुश्किलें
घटना की सूचना मिलते ही लक्ष्मणगढ़ थाना पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कार पूरी तरह जल चुकी थी और सभी सवारों की मौत हो चुकी थी।
शव बुरी तरह जल जाने के कारण उनकी पहचान करना मुश्किल हो गया है। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान अब डीएनए टेस्ट के जरिए कराई जाएगी।
जांच और कार्रवाई
हादसे के बाद फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। टीम आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर मामला दर्ज कर लिया है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “प्रारंभिक जांच में गैस रिसाव की आशंका है, लेकिन अंतिम कारण एफएसएल रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।”
स्थानीय लोगों में दहशत
हादसा इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोगों की रूह कांप उठी। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल को सूचना दी, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि किसी को बचाया नहीं जा सका।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश का सबसे बड़ा और आधुनिक हाईवे प्रोजेक्ट माना जाता है। लेकिन तेज रफ्तार और तकनीकी खामियों के कारण इस पर हादसों की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। सीएनजी वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन न होने पर ऐसे हादसे और गंभीर हो सकते हैं।
आगे की दिशा
फिलहाल पुलिस मृतकों के परिजनों से संपर्क कर रही है और मामले की जांच जारी है। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से हादसे की असली वजह सामने आएगी।

जग वाणी न्यूज़ डेस्क एक समर्पित संपादकीय टीम है, जो देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों, सामाजिक मुद्दों, राजनीति, व्यापार, शिक्षा, रोज़गार, मनोरंजन और जनहित आदि से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाओं को सरल और विश्वसनीय रूप में प्रस्तुत करती है। यह टीम निष्पक्ष पत्रकारिता के सिद्धांतों का पालन करते हुए पाठकों तक सटीक, तथ्यपूर्ण और उपयोगी समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
Discover more from जग वाणी
Subscribe to get the latest posts sent to your email.