
नई दिल्ली, 30 मार्च (केएनएन) ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद नाइक ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि सरकार ने बढ़ती नवीकरणीय ऊर्जा (आरई) क्षमता के बीच ग्रिड स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किए हैं।
मंत्री ने कहा कि वास्तविक समय की निगरानी के लिए क्षेत्रीय ऊर्जा प्रबंधन केंद्र स्थापित करने, स्वचालित उत्पादन नियंत्रण लागू करने और स्टेटकॉम और सिंक्रोनस कंडेनसर जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियों को तैनात करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
संशोधित वितरण क्षेत्र योजना के तहत SCADA सिस्टम और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के साथ बेहतर मौसम पूर्वानुमान सहित उपाय भी ग्रिड प्रबंधन का समर्थन कर रहे हैं।
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) द्वारा नियामक ढांचे और ग्रिड कोड परिवर्तनशीलता को प्रबंधित करने के लिए तकनीकी मानकों, आवृत्ति नियंत्रण भागीदारी और ऊर्जा भंडारण और हाइब्रिड सिस्टम के एकीकरण को अनिवार्य करते हैं।
ट्रांसमिशन विस्तार योजनाएँ
सरकार ने 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म क्षमता और 2035-36 तक 900 गीगावॉट से अधिक क्षमता का समर्थन करने के लिए राष्ट्रीय विद्युत योजना के तहत पारेषण आवश्यकताओं की रूपरेखा तैयार की है। ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर योजना के तहत, नवीकरणीय ऊर्जा को खाली करने के लिए महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन बुनियादी ढांचे को पहले ही चालू कर दिया गया है।
ऊर्जा भंडारण पर ध्यान दें
आंतरायिकता को संबोधित करने के लिए, सरकार व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण, नियामक सुधारों और पीएलआई योजनाओं जैसे प्रोत्साहनों के माध्यम से बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों और पंप भंडारण परियोजनाओं को बढ़ावा दे रही है।
अंतरराज्यीय ट्रांसमिशन शुल्क पर छूट और भंडारण के साथ नवीकरणीय ऊर्जा के लिए दिशानिर्देशों का उद्देश्य विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
(केएनएन ब्यूरो)

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