
नई दिल्ली, 9 जून (केएनएन) भारतीय रेलवे ने रेल क्षमता को मजबूत करने और दक्षिणी रेलवे नेटवर्क पर परिचालन में सुधार के लिए 220.51 करोड़ रुपये की लागत से केरल में 10.65 किलोमीटर लंबे मरारीकुलम-अलाप्पुझा खंड के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है।
यह परियोजना भारतीय रेलवे के क्षमता वृद्धि कार्यक्रम का हिस्सा है जिसमें दोहरीकरण, तिहरीकरण, चौगुना, फ्लाईओवर और बाईपास कार्य शामिल हैं।
मरारीकुलम-अलाप्पुझा खंड वर्तमान में एर्नाकुलम-अलाप्पुझा-कायनकुलम कॉरिडोर पर एकमात्र शेष सिंगल-लाइन खंड है, जहां अन्य दोहरीकरण कार्य पहले ही पूरे हो चुके हैं या कार्यान्वयन के अधीन हैं।
रेलवे के अनुसार, इस परियोजना से प्रत्येक दिशा में प्रतिदिन नौ अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन को सक्षम करने और प्रति वर्ष 2.88 मिलियन टन माल ढुलाई का समर्थन करने की उम्मीद है।
दोहरीकरण कार्य से यात्री और माल ढुलाई में वृद्धि के माध्यम से लगभग 3.08 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वार्षिक आय उत्पन्न होने का भी अनुमान है।
इस परियोजना से लाइन क्षमता में सुधार, ट्रेन अवरोधन कम करने, समय की पाबंदी बढ़ाने और मार्ग पर सुचारू यात्री और माल ढुलाई संचालन की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
भारतीय रेलवे के मिशन 3000 एमटी और उच्च घनत्व यातायात नेटवर्क कॉरिडोर पहल के तहत पहचानी गई इस परियोजना में अनुमानित वित्तीय आंतरिक रिटर्न दर (एफआईआरआर) 3.99 प्रतिशत और आर्थिक आंतरिक रिटर्न दर (ईआईआरआर) 22.30 प्रतिशत है।
(केएनएन ब्यूरो)

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