
ओमान तट पर भारतीय तेल टैंकर पर हमला (स्रोत-सोशल मीडिया)
ओमान तट के पास MT Settebello तेल टैंकर पर अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत। भारत ने अमेरिका के सामने विरोध दर्ज कराया।
ओमान तट पर अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत, परिवारों में मातम; भारत ने जताया कड़ा विरोध
विशाखापत्तनम के चीफ इंजीनियर पटनाला सुरेश, हिमाचल के आदित्य शर्मा और उत्तर प्रदेश के शिवानंद चौरसिया की मौत; 21 भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित बचाए गए
नई दिल्ली, 12 जून (जग वाणी न्यूज़ डेस्क): ओमान तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट एक तेल टैंकर पर हुए अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है। मृतकों में आंध्र प्रदेश के मरीन इंजीनियर पटनाला सुरेश, हिमाचल प्रदेश के डेक कैडेट आदित्य शर्मा और उत्तर प्रदेश के शिवानंद चौरसिया शामिल हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए अमेरिका के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर MT Settebello पर कुल 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। अमेरिकी सेना का कहना है कि जहाज को कई चेतावनियां दी गई थीं, लेकिन निर्देशों का पालन नहीं किए जाने के बाद कार्रवाई की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाकर मिसाइल दागी गई।
पहले लापता, फिर मौत की पुष्टि
हमले के बाद तीन भारतीय नाविक लापता बताए गए थे। बाद में जहाज पर उनके शव मिलने की पुष्टि हुई। ओमानी अधिकारियों ने शेष 21 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया।
केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री ने तीनों नाविकों की मौत को “समुद्री समुदाय के लिए बड़ी क्षति” बताया और मृतकों के पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने के निर्देश दिए हैं।
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
विशाखापत्तनम के रहने वाले 44 वर्षीय पटनाला सुरेश जहाज पर चीफ इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। उनकी पत्नी ने बताया कि कुछ ही दिनों बाद उनकी शादी की 15वीं वर्षगांठ थी और परिवार उनके घर लौटने का इंतजार कर रहा था।
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर निवासी 23 वर्षीय आदित्य शर्मा अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे। उनके पिता ने बताया कि हमले से कुछ समय पहले ही बेटे से बातचीत हुई थी। परिवार ने घटना की निष्पक्ष जांच और पार्थिव शरीर को जल्द घर लाने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के शिवानंद चौरसिया अपने पीछे पत्नी, छोटे बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता को छोड़ गए हैं। गांव में शोक का माहौल है और परिजन सरकार से सहायता की मांग कर रहे हैं।
भारत ने अमेरिका के सामने उठाया मामला
घटना के बाद भारत सरकार ने अमेरिका के वरिष्ठ राजनयिक को तलब कर अपनी चिंता और आपत्ति दर्ज कराई है। विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त करते हुए समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया है।
भारत ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक कार्यरत हैं और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार लगातार ओमान और अन्य संबंधित देशों के संपर्क में बनी हुई है।
बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षा पर सवाल
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका ने दावा किया है कि वह क्षेत्र में लागू एक सैन्य नाकाबंदी को लागू कर रहा है, जबकि जहाज प्रबंधन ने अमेरिकी आरोपों को खारिज करते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता सैन्य तनाव व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।
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