सुप्रीम कोर्ट ने पुन: नियोजित ट्रिब्यूनल अधिकारियों के लिए अलग वेतन संरचना को बरकरार रखा
नई दिल्ली, 14 अगस्त (केएनएन) सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के औद्योगिक न्यायाधिकरण-सह-श्रम न्यायालयों (सीजीआईटी-सह-एलसी) के पीठासीन अधिकारियों के रूप में फिर से नियुक्त पूर्व न्यायिक अधिकारियों की याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें छठे वेतन आयोग के तहत अन्य राष्ट्रीय न्यायाधिकरणों के अधिकारियों को दिए गए वेतनमान के बराबर वेतनमान की मांग की गई थी।
न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ ने कहा कि पुनर्नियुक्त अधिकारियों को वेतन निर्धारण के लिए एक अलग वर्ग के रूप में माना जा सकता है।
नई दिल्ली और हैदराबाद में तैनात याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि सीजीआईटी-सह-एलसी कैट, आईटीएटी और डीआरटी के बराबर थे और उन्हें छठे वेतन आयोग के पैमाने से वंचित करना अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है।
सुप्रीम कोर्ट ने जिला न्यायपालिका से जुड़े वेतन ढांचे को बरकरार रखा
केंद्र सरकार ने याचिका क...









