उधारकर्ता को यह उम्मीद करने का अधिकार है कि बैंक ऋण चुकौती के बाद स्वामित्व दस्तावेजों की सुरक्षा करेगा, लौटाएगा: बॉम्बे एचसी
मुंबई, 9 सितंबर (केएनएन) बॉम्बे हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि एक उधारकर्ता जो पूरी तरह से ऋण चुकाता है, वह बैंक या वित्तीय संस्थान से सुरक्षा के रूप में जमा किए गए मूल स्वामित्व दस्तावेजों को उचित रूप से संरक्षित करने और वापस करने की उम्मीद करने का हकदार है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वी. घुगे और न्यायमूर्ति गौतम ए. अंखड की खंडपीठ ने कहा कि ऋणदाताओं को ऐसे दस्तावेजों की उचित निगरानी रखनी चाहिए और सुरक्षित देनदारी पूरी होने के बाद उन्हें वापस कर देना चाहिए।
पीठ ने कहा कि एक बैंक सुरक्षा के रूप में जमा किए गए मूल संपत्ति स्वामित्व दस्तावेजों को संरक्षित करने और वापस करने के लिए जिम्मेदार है, भले ही कोई उधारकर्ता ऋण चुकाने के बाद तुरंत उनकी वापसी की मांग न करे।
इसने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को दो संपत्तियों से संबंधित मूल स्वामित्व दस्तावेजों का पता लगाने में विफल रहने के बाद 1...